×
प्रकाशित हुए बच्चों के विचार और संस्कार
Aug. 31, 2024, 11:34 a.m.
निबंध प्रतियोगिता
राजनांदगाँव। छत्तीसगढ़
संस्कार युक्त शिक्षा में अग्रणी गायत्री विद्या मंदिर (हिन्दी माध्यम) कंचन बाग में गुरूपूर्णिमा का पावन पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। शाला की वरिष्ठ शिक्षिका रमा तिवारी ने बच्चों को जीवन में गुरू का महत्त्व बताया एवं उनका सदैव सम्मान करने की प्रेरणा दी। बच्चों ने गुरूजनों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया। गुरू पर्व के उपलक्ष्य में कक्षा नवमी से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के बीच निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया और विजेताओं को सम्मानित भी किया गया। निबंध का विषय था ‘‘जीवन रूपी सागर में सीप का मोती है गुरू’’। गायत्री शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष श्री बृज किशोर सुरजन सहित समस्त अधिकारी, शिक्षकों ने बच्चों को आशीर्वाद देकर उनका उत्साहवर्धन किया।
Related News
जन्म-शताब्दी वर्ष 2026 के राष्ट्रीय आध्यात्मिक–सांस्कृतिक अभियानों पर आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या–श्री रमेश बैस संवाद
छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी ने ...
जशपुर के बगीचा में 108 कुण्डीय दीपमहायज्ञ में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या का प्रेरणादायी उद्बोधन, श्रीमती कौशल्या साय की गरिमामयी उपस्थिति
चार दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के अंतिम चरण में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चि...
हसौद में 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ की पूर्णाहुति, आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी की गरिमामय उपस्थिति से संकल्प और ऊर्जा का संचार
।छत्तीसगढ़ प्रवास।
12 दिसम्बर, हसौद
चार दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी...
छत्तीसगढ़ प्रवास में आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी द्वारा शक्तिपीठों में आरती, प्राण-प्रतिष्ठा एवं जीवन–संदेश का दिव्य प्रसार
देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के अं...
251 कुण्डीय महायज्ञ में डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी का दिव्य उद्बोधन— छत्तीसगढ़ के हसौद ग्राम में आत्मदीप जागरण का आह्वान
छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान आज देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति एवं अखिल विश्व गायत्री परिवार...
आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी का भाटापारा प्रवास: 108 कुंडिया महायज्ञ में धर्म-ध्वजारोहण एवं दिव्य प्रेरणा का उद्बोधन
छत्तीसगढ़ के चार दिवसीय प्रवास के द्वितीय दिवस के अगले चरण में आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी कबीर पंथ ...
शक्ति संवर्धन 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी का दिव्य मार्गदर्शन
रायपुर आगमन के उपरांत आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने बालोद में आयोजित दीप महायज्ञ कार्यक्रम में मुख्...
छत्तीसगढ़ आगमन पर आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी का भव्य स्वागत, 108 कुण्डीय दीप महायज्ञ में होंगे सहभागी
चार दिवसीय प्रवास के क्रम में अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि, परम वंदनीया माताजी की जन्...
गीता जयंती पर श्रद्धेया शैल जीजी का अवतरण दिवस श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया
हरिद्वार। मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की एकादशी, जिसे गीता जयंती के रूप में मनाया जाता है, इसी पावन अवसर प...
“यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत…” — श्रीमद्भगवद्गीता का यह दिव्य संदेश केवल युद्धभूमि का उपदेश नहीं, जीवनभूमि का पथप्रदर्शन है।
गीता जयंती आत्मज्ञाना, कर्तव्यपरायणता और धर्म के संरक्षण का पावन स्मरण-दिवस है।
श्रीमद्भगवद्गीता हमे...
सुरम्य वनांचल प्रदेश गोड्डा में आयोजित कन्या कौशल शिविर में आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी का विशिष्ट मार्गदर्शन
पहाड़ियों एवं जंगलों से घिरे धार्मिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं से परिपूर्ण संथाल परगना के गोड्डा जिले...
सांस्कृतिक गौरव और प्रगति का प्रतीक — छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएँ
अपनी विशिष्ट लोकसंस्कृति, परिश्रमी जनजीवन, और समृद्ध परंपराओं के कारण छत्तीसगढ़ राज्य भारतीय संस्कृत...
