अखिल विश्व गायत्री परिवार की विशेष पहल

व्यसन मुक्त जीवन,
विकसित भारत की नींव

आइए, स्वयं को और अपने परिवार को व्यसनों के अंधकार से मुक्त कर स्वस्थ, सुखी और दिव्य जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।

क्या आपने आज व्यसन मुक्ति का संकल्प लिया?

इस अभियान को एक सशक्त जन-आंदोलन बनाने में अपना योगदान दें। आज ही संकल्प पत्र भरें और अपने क्षेत्र की गतिविधियों की रिपोर्ट हमें भेजें ताकि अधिक से अधिक लोगों को प्रेरणा मिल सके।

ताज़ा अभियान गतिविधियां

देशभर से मिल रही व्यसनमुक्ति की प्रेरक खबरें

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Featured बाल संस्कारशाला के बच्चों का नुक्कड़ नाटक बना व्यसनमुक्ति की प्रेरणा
व्यसन मुक्ति अभियान 03 जुल 2026

बाल संस्कारशाला के बच्चों का नुक्कड़ नाटक बना व्यसनमुक्ति की प्रेरणा

*विश्व तम्बाकू निषेध दिवस(31 मई 2026)* के अवसर पर *प्रज्ञा युवा प्रकोष्ठ, खगड़िया द्वारा आयोजित "व्यसनमुक्त भारत अभियान" के अंतर्गत बाल संस्कारशाला, खगड़िया (बिहार)* के बच्चों ने एक प्रभावशाली नुक्कड़

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Featured कृषि उपज मंडी में किसानों और हम्मालों के बीच नशे से बचे, जनजागरण अभियान
व्यसन मुक्ति अभियान 02 जुल 2026

कृषि उपज मंडी में किसानों और हम्मालों के बीच नशे से बचे, जनजागरण अभियान

जतारा टीकमगढ़ मध्यप्रदेश में कृषि उपज मंडी में युवा प्रकोष्ठ द्वारा किसानों, पल्लेदारों और हम्मालों को नशे से होने वाली हानियों के बारे में समझाया।

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Featured दिया चूरू चलाएगा नशा मुक्ति के लिए अभियान
व्यसन मुक्ति अभियान 02 जुल 2026

दिया चूरू चलाएगा नशा मुक्ति के लिए अभियान

गायत्री परिवार की युवा इकाई दिव्य भारत युवा संघ (दिया) चूरू द्वारा जिलेभर में व्यापक नशा मुक्ति जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए गायत्री शक्तिपीठ चूरू में संगोष्ठी आयोजित की गई अभियान के माध्यम से

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कार्ययोजना

व्यसन मुक्त भारत अभियान ६-मासीय कार्ययोजना

समाज को व्यसन रूपी दुष्प्रवृत्ति से मुक्त कर रचनात्मक कार्यों में लगाने हेतु एक व्यापक एवं चरणबद्ध रणनीति बनाई गई है। इसमें जन-जागरण रैलियाँ, शिक्षण संस्थानों में कार्यशालाएँ, दीवार लेखन अभियान एवं चिकित्सीय शिविर शामिल हैं।

मास १-२: शिक्षण संस्थानों में प्रेरक व्याख्यान
मास ३-४: रैलियां एवं दीवार लेखन अभियान
मास ५-६: चिकित्सीय व परामर्श शिविर
नशा मुक्त ग्राम / वार्ड संकल्प
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डिजिटल व्यसन
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व्यसनमुक्त रैली
व्यसनमुक्त रैली
व्यसनमुक्त रैली
व्यसनमुक्त रैली
व्यसनमुक्त रैली
व्यसनमुक्त रैली

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नशा मुक्त भारत अभियान | 26 जून 2026

नशा मुक्त भारत अभियान | 26 जून 2026

Vyasn Mukti Abhiyan - Complete Film

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De Addiction - Nasha Mukti Message By- Hon. Dr Chinmay Pandya

De Addiction - Nasha Mukti Message By- Hon. Dr Chinmay Pandya

प्रचार एवं जागरूकता सामग्री

नशा मुक्ति बैनर, पम्पलेट और पुस्तिकाएं डाउनलोड करें

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2026 वार्षिक कार्ययोजना
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व्यसन मुक्ति नारे (हिंदी)
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Handbook-Vyasan Mukti
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1-कार्य योजना
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सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत कार्य योजना (PDF)

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मार्गदर्शन एवं जागरूकता

नशा: दुष्प्रभाव, बचाव एवं समाधान

नशे की दलदल से बाहर निकलने और एक स्वस्थ, संस्कारित समाज के निर्माण के लिए उपयोगी जानकारी।

नशे के गंभीर दुष्परिणाम

१. शारीरिक दुष्प्रभाव

  • कैंसर का गंभीर खतरा
  • हृदय रोग एवं उच्च रक्तचाप
  • यकृत (लिवर) सिरोसिस
  • कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता

२. मानसिक व भावनात्मक

  • तनाव, चिंता और अवसाद (Depression)
  • स्मरण शक्ति व एकाग्रता की कमी
  • चिड़चिड़ापन एवं अनियंत्रित क्रोध
  • नशे पर मानसिक निर्भरता

३. पारिवारिक प्रभाव

  • परिवार में कलह, अशांति और तनाव
  • बच्चों की शिक्षा व विकास पर असर
  • घरेलू हिंसा की संभावना
  • आर्थिक संकट एवं कर्ज

४. सामाजिक व आर्थिक

  • सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ना
  • कार्यक्षमता एवं उत्पादकता में कमी
  • अपराध एवं सामाजिक असुरक्षा
  • राष्ट्रीय मानव संसाधन का ह्रास

नशे से बचने के उपाय

व्यक्तिगत स्तर पर

नशे वाले मित्रों से बचें, दैनिक योग-प्राणायाम करें, जीवन में सकारात्मक लक्ष्य निर्धारित करें।

परिवार की भूमिका

बच्चों के साथ खुला संवाद रखें, घर का प्रेमपूर्ण वातावरण बनाएँ, स्वयं नशामुक्त रहकर उदाहरण बनें।

शिक्षण संस्थान व समाज

नियमित जागरूकता कार्यक्रम, खेलकूद को प्रोत्साहन, नैतिक शिक्षा का प्रसार और नशा मुक्त ग्राम का निर्माण।

नशा छोड़ने के प्रभावी उपाय

१. दृढ़ संकल्प एवं समर्थन

नशा छोड़ने की एक तिथि तय करें और परिवार व मित्रों का पूरा सहयोग लें।

२. योग, प्राणायाम व ध्यान

अनुलोम-विलोम, भ्रामरी एवं नियमित ध्यान से आत्मनियंत्रण बढ़ाएँ और तनाव कम करें।

३. आध्यात्मिक एवं स्वस्थ जीवनशैली

नियमित गायत्री मंत्र जप, सत्संग, यज्ञ, स्वाध्याय और आवश्यकतानुसार चिकित्सकीय सलाह लें।

7 करोड़+

लोग मादक पदार्थों से प्रभावित (NMBA & AIIMS Survey)

16 करोड़+

लोग शराब सेवन से प्रभावित

18 वर्ष

पहली बार नशे की शुरुआत की औसत आयु का खतरा

300+ ज़िले

नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) विस्तार

हमारा संकल्प

नशामुक्त भारत – युग निर्माण का जनआन्दोलन

हमारा उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति, परिवार एवं समाज को नशामुक्त, स्वस्थ, संस्कारित एवं आत्मनिर्भर बनाना है।

नशामुक्त व्यक्ति

सद्विचार, उपासना और ध्यान से जीवन को श्रेष्ठ बनाना।

नशामुक्त परिवार

पारिवारिक संवाद और प्रेमपूर्ण, नशामुक्त वातावरण का निर्माण।

नशामुक्त विद्यालय व कॉलेज

छात्रों को नैतिक शिक्षा और खेलों के प्रति प्रेरित करना।

नशामुक्त कार्यस्थल

तनावमुक्त, स्वस्थ और उत्पादक कार्य संस्कृति विकसित करना।

नशामुक्त ग्राम एवं नगर

सफाई, जनभागीदारी और स्वास्थ्य चेतना का प्रसार।

नशामुक्त भारत

नशामुक्त, स्वस्थ, समृद्ध एवं विकसित भारत की स्थापना।

जनभागीदारी

आप क्या कर सकते हैं?

नशा मुक्ति केवल सरकारी प्रयास नहीं, जन-जन का कर्तव्य है। हमारे साथ जुड़ें और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में योगदान दें।

स्वयं नशा मुक्त रहें

किसी भी प्रकार के गुटखा, शराब, सिगरेट या तंबाकू के सेवन से दूर रहें।

परिवार व मित्रों को प्रेरित करें

अपने करीबी लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक कर बचाएँ।

10 लोगों को नशामुक्त करें

प्रत्येक वर्ष कम से कम 10 व्यक्तियों को नशा छोड़ने हेतु प्रेरित करें।

स्वस्थ जीवनशैली अपनाएँ

समाज में योग, प्राणायाम, ध्यान एवं नैतिक मूल्यों का प्रसार करें।

जागरूकता मार्गदर्शन

युवा क्यों फँसते हैं?

नशे की शुरुआत अक्सर अनजाने में या दबाव में होती है। इन कारणों को जानकर हम अपने प्रियजनों को बचा सकते हैं।

गलत संगति

मित्रों का दबाव (Peer Pressure) और गलत संगति नशे की मुख्य वजह बनती है।

जिज्ञासा व रोमांच

सिगरेट या अल्कोहल को एक बार आज़माने की उत्सुकता लत में बदल जाती है।

तनाव एवं अवसाद

पढ़ाई, करियर या रिश्तों का तनाव युवाओं को नशे के झूठे सहारे की ओर धकेलता है।

पारिवारिक उपेक्षा

पारिवारिक संवाद की कमी या अकेलापन भी युवाओं में नशे के खतरे को बढ़ाता है।

सप्तसूत्रीय आंदोलन

व्यसन मुक्ति अभियान मार्गदर्शन

‘‘व्यसन से बचाओ - सृजन में लगाओ’’ — अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा संचालित एक राष्ट्रव्यापी पहल।

नशा क्या है?

शारंगधर संहिता में मादक वस्तुओं की परिभाषा करते हुए कहा है:
"बुद्धि विलुम्पति यत् द्रव्यं मदकारी तदुच्चते।"
अर्थात् जिन वस्तुओं के सेवन से मनुष्य की बुद्धि लुप्त हो जाती हो वे मादक हैं। जैसे शराब, सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, पान-मसाला, अफीम, गांजा, चरस, कोकेन, हेरोइन एवं स्मैक (ब्राउन शुगर) इत्यादि।

मादक द्रव्यों के सेवन के दुष्परिणाम

प्रतिवर्ष खरबों रुपये नशे की होली में फूँके जा रहे हैं।
भारत में 60% पागलपन का कारण शराब का अत्यधिक सेवन है।
शराबियों में 27% मस्तिष्क रोग, 29.97% फेफड़े के रोग एवं 23.3% अपच के रोगों से मृत्यु होती है।
धूम्रपान करने वालों में फेफड़े का कैंसर न करने वालों की अपेक्षा 20 गुणा अधिक होता है।
हर पाँच व्यक्तियों की मृत्यु में से एक का कारण तम्बाकू का सेवन है।
60% से अधिक सड़क दुर्घटनाएँ नशे से प्रभावित लोगों के कारण होती हैं।
घरेलू हिंसा, चोरी, डकैती और जघन्य अपराधों की मुख्य जड़ नशा है।

नशे से बचने के उपाय

  • दृढ़ता से कहें 'ना' (Say NO): कोई भी नशे की पेशकश करे तो बिना संकोच और भय के मना कर दें।
  • नशे के खतरों का अध्ययन: इंटरनेट या पुस्तकों से इसके भयानक परिणामों को समझें।
  • संगति बदलें: नशा करने वाले मित्रों से बचें और रचनात्मक संगति खोजें।
  • परिवार को मित्र बनाएँ: अपनी चिंता व तनाव को खुलकर अपनों के साथ साझा करें।
  • वैकल्पिक आनंद: तनाव दूर करने के लिए संगीत, खेल, कला और अच्छी पुस्तकों का सहारा लें।

नशा छोड़ने के अचूक नुस्खे

दृढ़ संकल्प के आधार पर किसी भी प्रकार का दुर्व्यसन छोड़ा जा सकता है। उचित समय आने पर तुरंत निर्णय लेकर दुर्व्यसन को सदा के लिए त्याग दें।

प्रातःकाल स्वच्छ स्थान पर सुखासन में बैठ जाएँ। धीरे-धीरे श्वास फेफड़ों में भरें और भावना करें कि मेरा शरीर एवं मन नशे की आदत छोड़ने को तत्पर है। फिर धीरे-धीरे श्वास छोड़ते हुए सोचें कि मैं नशे से पूर्णतः मुक्त हो चुका हूँ। (3 से 5 मिनट)

दाएँ हाथ के अंगूठे से दाईं नासिका बंद करके बाईं नासिका से श्वास लें। भावना करें कि मैं सशक्त हो रहा हूँ। फिर दाईं नासिका से श्वास छोड़ते हुए भावना करें कि मैं नशे की आदत से मुक्त हो चुका हूँ। यही क्रिया दाईं ओर से भी करें। (3 से 5 बार)

भ्रामरी: कानों को बंद कर आँखों पर उँगलियाँ रखें। गहरा श्वास लेकर भ्रमर की तरह गुंजन करें।
गायत्री मंत्र: प्रातः काल सूर्योदय के समय गायत्री मंत्र का मानसिक जप करें और भावना करें कि आपकी संकल्प शक्ति मजबूत हो रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नशा मुक्ति से संबंधित महत्वपूर्ण सवाल-जवाब

व्यसन मुक्ति अभियान (Vyasan Mukti Abhiyaan) और नशा मुक्ति के विभिन्न पहलुओं से जुड़े सामान्य प्रश्न और उनके वैज्ञानिक व आध्यात्मिक उत्तर।

व्यसन मुक्ति अभियान (Vyasan Mukti Campaign) अखिल विश्व गायत्री परिवार (AWGP), शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा संचालित एक राष्ट्रव्यापी जनजागरण आंदोलन है। इसका उद्देश्य समाज को शराब, तम्बाकू, गुटखा, ड्रग्स और आज के डिजिटल युग के नए व्यसनों जैसे गेमिंग व ऑनलाइन सट्टेबाजी से मुक्त कराकर एक स्वस्थ और नैतिक रूप से सुदृढ़ समाज का निर्माण करना है।

गायत्री परिवार की पद्धति शारीरिक उपचार के साथ-साथ मानसिक और आध्यात्मिक पुनर्वास (Spiritual Rehabilitation) पर बल देती है। इसमें नियमित योग, प्राणायाम, गायत्री मंत्र जप, स्वाध्याय (सद्ग्रंथों का अध्ययन) और यज्ञीय वातावरण के माध्यम से व्यक्ति की इच्छाशक्ति (Willpower) और विवेक को जगाया जाता है, जिससे नशा दोबारा शुरू होने की संभावना न्यूनतम हो जाती है।

नशा छोड़ने के लिए पहला कदम एक दृढ़ संकल्प लेना है। इसके बाद एक निश्चित तारीख तय करें, अपने निर्णय के बारे में परिवार व करीबी मित्रों को बताएं ताकि उनका समर्थन मिल सके। शुरुआती दिनों में ध्यान भटकाने के लिए योग-व्यायाम करें, गहरी सांस लेने का अभ्यास (Deep Breathing) करें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय परामर्श या किसी मान्यता प्राप्त नशा मुक्ति केंद्र की मदद लें।

हाँ, आप हमारी वेबसाइट के मुख्य मेनू में दिए गए 'संकल्प लें' (Pledge Form) लिंक पर जाकर ऑनलाइन संकल्प पत्र भर सकते हैं। इसके अतिरिक्त आप इसे डाउनलोड करके ऑफलाइन भी भर सकते हैं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित कर सकते हैं। हमारा लक्ष्य कम से कम १० लोगों को नशामुक्त बनाना है।
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