व्यसन मुक्त जीवन,
विकसित भारत की नींव
आइए, स्वयं को और अपने परिवार को व्यसनों के अंधकार से मुक्त कर स्वस्थ, सुखी और दिव्य जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।
क्या आपने आज व्यसन मुक्ति का संकल्प लिया?
इस अभियान को एक सशक्त जन-आंदोलन बनाने में अपना योगदान दें। आज ही संकल्प पत्र भरें और अपने क्षेत्र की गतिविधियों की रिपोर्ट हमें भेजें ताकि अधिक से अधिक लोगों को प्रेरणा मिल सके।
ताज़ा अभियान गतिविधियां
देशभर से मिल रही व्यसनमुक्ति की प्रेरक खबरें
बाल संस्कारशाला के बच्चों का नुक्कड़ नाटक बना व्यसनमुक्ति की प्रेरणा
कृषि उपज मंडी में किसानों और हम्मालों के बीच नशे से बचे, जनजागरण अभियान
व्यसन मुक्त भारत अभियान ६-मासीय कार्ययोजना
समाज को व्यसन रूपी दुष्प्रवृत्ति से मुक्त कर रचनात्मक कार्यों में लगाने हेतु एक व्यापक एवं चरणबद्ध रणनीति बनाई गई है। इसमें जन-जागरण रैलियाँ, शिक्षण संस्थानों में कार्यशालाएँ, दीवार लेखन अभियान एवं चिकित्सीय शिविर शामिल हैं।
फ़ोटो गैलरी
अभियानों और रैलियों की कुछ झलकियाँ
डिजिटल व्यसन
व्यसनमुक्त रैली
व्यसनमुक्त रैली
व्यसनमुक्त रैली
वीडियो गैलरी
प्रेरणादायक संदेश और गतिविधियों के वीडियो
नशा मुक्त भारत अभियान | 26 जून 2026
Vyasn Mukti Abhiyan - Complete Film
De Addiction - Nasha Mukti Message By- Hon. Dr Chinmay Pandya
प्रचार एवं जागरूकता सामग्री
नशा मुक्ति बैनर, पम्पलेट और पुस्तिकाएं डाउनलोड करें
2026 वार्षिक कार्ययोजना
pdf (218.78 KB)व्यसन मुक्ति नारे (हिंदी)
pdfHandbook-Vyasan Mukti
pdf (32.25 MB)नशा: दुष्प्रभाव, बचाव एवं समाधान
नशे की दलदल से बाहर निकलने और एक स्वस्थ, संस्कारित समाज के निर्माण के लिए उपयोगी जानकारी।
नशे के गंभीर दुष्परिणाम
१. शारीरिक दुष्प्रभाव
- कैंसर का गंभीर खतरा
- हृदय रोग एवं उच्च रक्तचाप
- यकृत (लिवर) सिरोसिस
- कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता
२. मानसिक व भावनात्मक
- तनाव, चिंता और अवसाद (Depression)
- स्मरण शक्ति व एकाग्रता की कमी
- चिड़चिड़ापन एवं अनियंत्रित क्रोध
- नशे पर मानसिक निर्भरता
३. पारिवारिक प्रभाव
- परिवार में कलह, अशांति और तनाव
- बच्चों की शिक्षा व विकास पर असर
- घरेलू हिंसा की संभावना
- आर्थिक संकट एवं कर्ज
४. सामाजिक व आर्थिक
- सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ना
- कार्यक्षमता एवं उत्पादकता में कमी
- अपराध एवं सामाजिक असुरक्षा
- राष्ट्रीय मानव संसाधन का ह्रास
नशे से बचने के उपाय
व्यक्तिगत स्तर पर
नशे वाले मित्रों से बचें, दैनिक योग-प्राणायाम करें, जीवन में सकारात्मक लक्ष्य निर्धारित करें।
परिवार की भूमिका
बच्चों के साथ खुला संवाद रखें, घर का प्रेमपूर्ण वातावरण बनाएँ, स्वयं नशामुक्त रहकर उदाहरण बनें।
शिक्षण संस्थान व समाज
नियमित जागरूकता कार्यक्रम, खेलकूद को प्रोत्साहन, नैतिक शिक्षा का प्रसार और नशा मुक्त ग्राम का निर्माण।
नशा छोड़ने के प्रभावी उपाय
१. दृढ़ संकल्प एवं समर्थन
नशा छोड़ने की एक तिथि तय करें और परिवार व मित्रों का पूरा सहयोग लें।
२. योग, प्राणायाम व ध्यान
अनुलोम-विलोम, भ्रामरी एवं नियमित ध्यान से आत्मनियंत्रण बढ़ाएँ और तनाव कम करें।
३. आध्यात्मिक एवं स्वस्थ जीवनशैली
नियमित गायत्री मंत्र जप, सत्संग, यज्ञ, स्वाध्याय और आवश्यकतानुसार चिकित्सकीय सलाह लें।
7 करोड़+
लोग मादक पदार्थों से प्रभावित (NMBA & AIIMS Survey)
16 करोड़+
लोग शराब सेवन से प्रभावित
18 वर्ष
पहली बार नशे की शुरुआत की औसत आयु का खतरा
300+ ज़िले
नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) विस्तार
नशामुक्त भारत – युग निर्माण का जनआन्दोलन
हमारा उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति, परिवार एवं समाज को नशामुक्त, स्वस्थ, संस्कारित एवं आत्मनिर्भर बनाना है।
नशामुक्त व्यक्ति
सद्विचार, उपासना और ध्यान से जीवन को श्रेष्ठ बनाना।
नशामुक्त परिवार
पारिवारिक संवाद और प्रेमपूर्ण, नशामुक्त वातावरण का निर्माण।
नशामुक्त विद्यालय व कॉलेज
छात्रों को नैतिक शिक्षा और खेलों के प्रति प्रेरित करना।
नशामुक्त कार्यस्थल
तनावमुक्त, स्वस्थ और उत्पादक कार्य संस्कृति विकसित करना।
नशामुक्त ग्राम एवं नगर
सफाई, जनभागीदारी और स्वास्थ्य चेतना का प्रसार।
नशामुक्त भारत
नशामुक्त, स्वस्थ, समृद्ध एवं विकसित भारत की स्थापना।
आप क्या कर सकते हैं?
नशा मुक्ति केवल सरकारी प्रयास नहीं, जन-जन का कर्तव्य है। हमारे साथ जुड़ें और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में योगदान दें।
स्वयं नशा मुक्त रहें
किसी भी प्रकार के गुटखा, शराब, सिगरेट या तंबाकू के सेवन से दूर रहें।
परिवार व मित्रों को प्रेरित करें
अपने करीबी लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक कर बचाएँ।
10 लोगों को नशामुक्त करें
प्रत्येक वर्ष कम से कम 10 व्यक्तियों को नशा छोड़ने हेतु प्रेरित करें।
स्वस्थ जीवनशैली अपनाएँ
समाज में योग, प्राणायाम, ध्यान एवं नैतिक मूल्यों का प्रसार करें।
युवा क्यों फँसते हैं?
नशे की शुरुआत अक्सर अनजाने में या दबाव में होती है। इन कारणों को जानकर हम अपने प्रियजनों को बचा सकते हैं।
गलत संगति
मित्रों का दबाव (Peer Pressure) और गलत संगति नशे की मुख्य वजह बनती है।
जिज्ञासा व रोमांच
सिगरेट या अल्कोहल को एक बार आज़माने की उत्सुकता लत में बदल जाती है।
तनाव एवं अवसाद
पढ़ाई, करियर या रिश्तों का तनाव युवाओं को नशे के झूठे सहारे की ओर धकेलता है।
पारिवारिक उपेक्षा
पारिवारिक संवाद की कमी या अकेलापन भी युवाओं में नशे के खतरे को बढ़ाता है।
नशा मुक्ति से संबंधित महत्वपूर्ण सवाल-जवाब
व्यसन मुक्ति अभियान (Vyasan Mukti Abhiyaan) और नशा मुक्ति के विभिन्न पहलुओं से जुड़े सामान्य प्रश्न और उनके वैज्ञानिक व आध्यात्मिक उत्तर।