गायत्री परिवार के जन्मशताब्दी वर्ष के अंतर्गत देसवि में ‘दधीचि अंगदान संकल्प अभियान’ का भव्य शुभारंभ; केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और मुख्यमंत्री धामी रहे उपस्थित
अखिल विश्व गायत्री परिवार के जन्मशताब्दी वर्ष के अंतर्गत देव संस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज में आज ‘दधीचि अंगदान संकल्प अभियान’ के तहत एक गरिमामय एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं देवपूजन के साथ हुआ। कार्यक्रम में अंगदान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा महर्षि दधीचि के त्याग एवं लोकमंगल के आदर्शों को समाज तक पहुँचाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में भारत सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में अंगदान को मानवता की सर्वोच्च सेवा बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से इस पुनीत अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अंगदान जीवनदान का महादान है। उन्होंने दधीचि अंगदान संकल्प अभियान को समाज में संवेदनशीलता, सेवा और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताते हुए इस जनजागरण अभियान की सराहना की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति एवं जन्मशताब्दी समारोह के दलनायक आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि महर्षि दधीचि का जीवन त्याग, समर्पण और लोककल्याण का अनुपम उदाहरण है। जन्मशताब्दी वर्ष में चलाया जा रहा यह अभियान केवल अंगदान का संकल्प नहीं, बल्कि मानवता के प्रति उत्तरदायित्व और सेवा-साधना का राष्ट्रीय आंदोलन है। उन्होंने उपस्थित सभी नागरिकों से अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने तथा इस जनजागरण अभियान का सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में चिकित्सक, शिक्षाविद्, विश्वविद्यालय परिवार, गायत्री परिवार के कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से अंगदान के महत्व को जन-जन तक पहुँचाने तथा अधिकाधिक लोगों को इस महाअभियान से जोड़ने का संकल्प लिया गया।

